नई दिल्ली [TV 47 न्यूज नेटवर्क ]।। देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ घंटों के भीतर देश के 21 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में हवा की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी ट्रफ के कारण उत्तर भारत, पूर्वी भारत और मध्य भारत में भारी से बहुत भारी वर्षा की स्थिति बनी हुई है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है।
किन राज्यों में जारी हुआ अलर्ट?
IMD के ताजा बुलेटिन के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में मौसम बिगड़ने की संभावना जताई गई है।
इन राज्यों के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा सतर्कता की जरूरत
उत्तर प्रदेश इस समय मौसम विभाग की विशेष निगरानी में है। IMD ने पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। पश्चिमी यूपी में 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है जबकि पूर्वी यूपी में लगातार कई दिनों तक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बस्ती, अयोध्या, कानपुर, झांसी, आगरा, मेरठ और नोएडा समेत कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
प्रयागराज में हालात बिगड़े, स्कूल बंद
भारी बारिश का असर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में दिखाई देने लगा है। प्रयागराज में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया। सड़कें पानी में डूब गईं और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
बिहार और झारखंड में भी भारी बारिश का खतरा
बिहार और झारखंड में भी अगले 24 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी है। झारखंड के कुछ हिस्सों में अत्यधिक वर्षा दर्ज होने की आशंका व्यक्त की गई है।
इन राज्यों में नदियों के जलस्तर में वृद्धि, जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्ग बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली-एनसीआर में बदलेगा मौसम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज बदलने वाला है। IMD के अनुसार दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर तेज हवाएं चलने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी, लेकिन जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ सकती है।
उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन का खतरा
पर्वतीय राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
चारधाम यात्रा मार्गों और पहाड़ी क्षेत्रों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को तैनात किया गया है।
क्यों सक्रिय हुआ मानसून?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट के आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण मानसून को नई ऊर्जा मिली है। इसके प्रभाव से नमी से भरी हवाएं देश के बड़े हिस्से में पहुंच रही हैं, जिससे भारी बारिश की परिस्थितियां बन रही हैं।
इसके अलावा मानसूनी ट्रफ सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर सक्रिय है, जिससे उत्तर और पूर्व भारत में वर्षा गतिविधियां बढ़ गई हैं।
किसानों के लिए राहत, शहरों के लिए चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। धान, मक्का और अन्य फसलों को पर्याप्त नमी मिलने से उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि शहरी क्षेत्रों में जलनिकासी व्यवस्था की कमजोरियों के कारण जलभराव और यातायात की समस्या बढ़ सकती है।
कई शहरों में पहले से ही नालों की सफाई और जलनिकासी को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में है। भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने पर महानगरों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
लोगों के लिए IMD की सलाह
मौसम विभाग ने नागरिकों को कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की सलाह दी है—
- खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
- बिजली चमकने के समय खुले मैदानों में न रहें।
- पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखें।
- जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन चलाने से बचें।
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें।
- मोबाइल पर मौसम संबंधी अलर्ट सक्रिय रखें।
अगले 5 दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
IMD के विस्तारित पूर्वानुमान के अनुसार 18 अगस्त से 23 अगस्त तक उत्तर भारत, पूर्वी भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है, इसलिए राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है।
