प्रयागराज [ TV 47 न्यूज नेटवर्क ]। । प्रयागराज जिले की मेजा तहसील के भृंगारी गांव में चकरोड पर अवैध कब्जे का मामला एक बार फिर चर्चा में है। तीन जून 2026 को गांव के लोगों के लिए एक नई उम्मीद जगी थी, जब तत्कालीन उपजिलाधिकारी (एसडीएम) नीलम उपाध्याय राजस्व और प्रशासनिक टीम के साथ गांव पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चकमार्ग संख्या 217 पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने का निर्देश दिया था।
राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर नापजोख कराई, सीमांकन कराया और अतिक्रमण वाले हिस्सों को चिन्हित किया। प्रशासन ने संबंधित लोगों को 15 दिनों के भीतर कब्जा हटाने का स्पष्ट आदेश भी दिया था। लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।
आदेश के बावजूद कब्जा बरकरार
ग्रामीणों के अनुसार प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान जिन लोगों के कब्जे चिन्हित किए गए थे, उनमें जयराम मिश्र, मनमोहन मिश्र, विश्वम्भनाथ मिश्र, विमल मिश्र, जय प्रकाश मिश्र और विकास शुक्ला के नाम शामिल थे।
राजस्व विभाग द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि निर्धारित समय सीमा के भीतर अतिक्रमण हटाकर चकरोड को मुक्त कराया जाए, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि आदेश के बावजूद कब्जाधारकों ने कोई कार्रवाई नहीं की। गांव के लोगों का कहना है कि प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी खुलेआम की जा रही है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
एक कब्जे ने हजारों ग्रामीणों की राह रोकी
ग्रामीणों का दावा है कि सबसे बड़ी समस्या जयराम मिश्र द्वारा किए गए कब्जे को लेकर है। बताया जाता है कि जिस स्थान पर गांव से निकलने वाली सड़क मुख्य मार्ग से जुड़ती है, उसी हिस्से पर निर्माण करा लिया गया है। यही कारण है कि गांव का सीधा संपर्क मुख्य मार्ग से बाधित हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार यदि इस हिस्से से अतिक्रमण हट जाए तो गांव के हजारों लोगों को आवागमन की बड़ी राहत मिल सकती है। एक बुजुर्ग ग्रामीण ने बताया कि वर्षों से लोग इसी रास्ते का उपयोग करते रहे हैं, लेकिन अब स्थिति यह है कि लोगों को लंबा चक्कर लगाकर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है।
ग्रामीणों के लिए अभिशाप बन गया रास्ते का विवाद
भृंगारी गांव में चकरोड का यह विवाद अब केवल भूमि का मामला नहीं रह गया है। गांव के छात्रों, किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब वैकल्पिक रास्ते कीचड़ और जलभराव से प्रभावित हो जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ प्रभावशाली लोगों की दबंगई के कारण पूरे गांव को सजा भुगतनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी अभिलेखों में दर्ज चकरोड पर कब्जा होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
क्या सिफारिशों के चलते रुकी कार्रवाई?
गांव में चर्चा है कि कब्जाधारकों के खिलाफ कार्रवाई रुकवाने के लिए विभिन्न स्तरों पर सिफारिशें की जा रही हैं। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन पूरी तरह गंभीर होता तो आदेश के बाद अतिक्रमण हट चुका होता। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के कारण कार्रवाई लंबित पड़ी हुई है, जबकि गरीब और आम ग्रामीण न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
योगी सरकार के बुलडोजर अभियान से जगी नई उम्मीद
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ने भृंगारी गांव के लोगों में नई उम्मीद जगाई है। हाल के दिनों में प्रयागराज के करछना, नैनी और अन्य क्षेत्रों में प्रशासन ने चकरोड और सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए बुलडोजर अभियान चलाया है।
इन कार्रवाइयों को देखकर भृंगारी गांव के लोगों को भी भरोसा है कि उनके गांव में भी जल्द न्याय मिलेगा। ग्रामीणों का कहना है कि जब प्रदेश के अन्य हिस्सों में सरकारी भूमि और चकरोड मुक्त कराए जा सकते हैं तो भृंगारी गांव में भी प्रशासन को कठोर कदम उठाने चाहिए।
चकरोड क्यों है महत्वपूर्ण?
ग्रामीण क्षेत्रों में चकरोड केवल रास्ता नहीं होता, बल्कि गांव की जीवनरेखा माना जाता है। चकरोड के माध्यम से किसान अपने खेतों तक पहुंचते हैं, बच्चे स्कूल जाते हैं, मरीज अस्पताल पहुंचते हैं और गांव का संपर्क मुख्य सड़क से बना रहता है।
राजस्व अभिलेखों में दर्ज चकरोड पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण कानूनी रूप से अवैध माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि चकरोड पर कब्जे को समय रहते नहीं हटाया गया तो भविष्य में भूमि विवाद और अधिक जटिल हो सकते हैं।
प्रशासन के सामने चुनौती
मेजा प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपने ही आदेशों को लागू कराने की है। यदि सीमांकन और नापजोख के बाद भी कब्जा नहीं हटता है तो इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ सकते हैं। ग्रामीणों की मांग है कि राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से कार्रवाई कर चकरोड को कब्जा मुक्त कराएं।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
भृंगारी गांव के लोगों ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:
- चकमार्ग संख्या 217 को तत्काल कब्जा मुक्त कराया जाए।
- सीमांकन रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।
- अवैध निर्माण हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की जाए।
- ग्रामीणों के आवागमन के लिए तत्काल रास्ता बहाल किया जाए।
- आदेश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
